दोस्तो, मैं रिकी सिंह आप सभी के लिए एक नयी सेक्स स्टोरी लेकर हाजिर हुआ हूँ.यह एक रियल सेक्स स्टोरी है.
यह हॉट कज़िन वांट सेक्स कहानी मेरी कज़िन सिस्टर आशिया की है जो उस वक्त 27 साल की थी.
दीदी का फिगर 34सी-28-36 का है. वे बिल्कुल दूध जैसी गोरी हैं.
उनकी हाइट औसत लड़कियों के जितनी ही है. उनकी चूचियां 34सी की हैं और एकदम टाइट व बाहर की तरफ निकली हुई हैं.
आशिया दीदी की नाभि बहुत मस्त है, गांड के दोनों हिस्से बाहर की तरफ निकले हुए हैं.
कुल मिलाकर दीदी एक बॉम्ब हैं.
उन्हें कोई भी एक नजर भर कर देख ले, तो गारंटी से उसका लंड खड़ा हो जाएगा; उसका मन करेगा कि इन्हें यहीं पटक कर चोद दें.
बात तब की है, जब हमारे घर में कार्यक्रम था.
सारे घर के लोग इधर-उधर अपने अपने कामों में व्यस्त थे.
मेरा और आशिया दीदी का घर 50 मीटर की दूरी पर था और कार्यक्रम का स्थान घर से आधा किलोमीटर की दूरी पर था.
मैं और दीदी दोनों आपस काफ़ी क्लोज थे, दोनों में खूब मस्ती मज़ाक होता था.
मस्ती करते करते कई बार मैं उनकी चूचियों को भी दबा देता था लेकिन वे सब देख कर भी कुछ नहीं बोलती थीं.
मुझे भी पता था कि दीदी अभी सीलपैक माल हैं और वे भी मेरी तरह अन्दर से खुद बहुत हॉर्नी महसूस करती हैं.
जैसा कि मैंने लिखा कि घर के सब लोग अपने अपने कामों में बिज़ी थे.
आशिया दीदी के पापा यानि मेरे अंकल ने मुझे घर से कुछ सामान लाने को बोला.
यह काम उनके घर जाकर करना था.
घर पर ताला लगा हुआ था तो अंकल ने मुझे चाभियों का गुच्छा पकड़ाते हुए जल्द से काम करके वापस आने का कहा.
मैं सामान लेने उनके घर की तरफ चल दिया.
उनके घर के अन्दर जाने में कुछ ऐसा था कि बीच में एक गैलरी जैसी है और आजू बाजू में सबके कमरे हैं.
मैंने जैसे ही गेट खोला और गैलरी में आया तो मुझे कुछ आवाज आई.
लेकिन मैंने उस आवाज को नजरअंदाज किया और आगे को बढ़ गया.
कुछ ही पल के बाद फिर से वही अजीब सी आवाज मुझे वापस सुनाई दी.
तब पता चला कि घर पर आशिया दीदी हैं.
लेकिन मैं कुछ बोला नहीं, बस चुपचाप उनके कमरे के पास पहुंचा.
तो वहां मुझे मोनिंग की आवाज आ रही थी.
मुझसे रहा न गया तो मैंने की-होल से देखा.
अंदर का नजारा देख कर तो मेरे होश उड़ गए.
मुझे दीदी की गुलाबी चूत नजर आई, जिस पर छोटे छोटे बाल थे.
वे अपनी चूत में फिंगरिंग कर रही थीं; अपनी एक उंगली अन्दर डाल कर ‘फक मी फक मी …’ कर रही थीं.
कुछ ही पलों बाद दीदी ने अपनी दूसरी उंगली भी अपनी चूत में ठेल दी.
उंगली कुंवारी चूत को दर्द देने लगी और वे बहुत जोर से चिल्लाईं ‘आहह मम्मा उफ्फ़ ओह माय गॉड … बहुत दर्द हो रहा है … आह फक मी हार्डर!’
हॉट कज़िन की यह दशा देख कर मेरा मन तो हुआ कि कमरे के अन्दर जाकर अभी उनको चोद दूँ और चूत को फाड़ दूं.
लेकिन अंकल ने मुझे सामान जल्दी लाने को कहा था.
मुझे देर होती लग रही थी तो मैंने सोचा कि इस चुदाई के काम में जल्दबाजी ठीक नहीं है; दीदी को तो कभी भी पेल दूंगा.
मैं उनके कमरे से दूर हो गया और उनको आवाज दी- दीदी, आप घर पर ही हो क्या?
वह एकदम से सहमी सी आवाज में बोलीं- हां, तुम कब आए?
मैंने कहा- मैं बस अभी ही आया हूँ, अंकल ने सामान लाने को बोला है.
दीदी ने अपने कमरे का दरवाजा खोला और मैंने देखा कि वे अपना हाथ छुपा रही थीं.
लेकिन मैंने देख लिया था कि उनके हाथ की उंगली में कुछ लगा हुआ था.
मैं सामान्य भाव से बोला- ये सामान चाहिए?
उन्होंने कहा- एक मिनट रूको, मैं अभी आई वॉशरूम से!
दीदी वॉशरूम चली गईं.
लेकिन वे अपने फोन को बेड पर छोड़ कर गयी थीं, वह भी अनलॉक्ड था.
मैंने फोन उठा कर देखा, तो उसमें उनकी फोटो और अभी के ही वीडियोज थे.
मुझे लगा कि दीदी ने यह सब किसी को सेंड करने के लिए अभी ही बनाए हैं.
जब तक दीदी ले जाने वाला सामान निकाल रही थीं, तब तक मैंने चुपके से उनके फोन से सब फाइल्स अपने फोन में ले लीं और सामान लेकर वेन्यू पर चला गया.
मैंने दीदी से इस बारे में कुछ बात नहीं की क्योंकि मैं सही टाइम का इंतजार कर रहा था.
कार्यक्रम शाम को 7 बजे खत्म हो गया था.
रात में जब मैं अपने कमरे में आया, तब मैं दीदी के बारे में सोचने लगा और मुठ मारने लगा.
उस वक्त मैं अपने फोन पर उनकी फोटोस वीडियो देखने लगा.
यार वे इतनी सेक्सी हैं कि क्या ही बताऊं … देख कर मन कर रहा था कि अभी ही उनके साथ सेक्स कर लूँ.
एक वीडियो में मैंने देखा कि वे अपनी उंगली नीचे रख कर उस पर कॉऊगर्ल पोजीशन में राइड कर रही थीं.
उस रात मुझे नींद नहीं आई, सिर्फ़ यही सोचता रहा था कि दीदी को कैसे चोदा जाए.
बस उनकी चूत एक बार मिल जाए.
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
कुछ दिन बाद अंकल का फोन आया कि वे सब लोग 10 दिन के लेकिन ट्रिप पर जा रहे हैं. आशिया की छुट्टियां नहीं हैं, इसलिए वह घर पर ही है. तुम रात में मेरे घर में ही सो जाया करना.
मैंने खुशी खुशी ओके बोल दिया.
दो दिन बाद सब लोग ट्रिप पर चले गए.
मैं रात में खाना खाकर दीदी के पास रात में चला गया.
दीदी में मुझे अपने से बगल वाले कमरे में सोने को बोला.
मैं ओके बोल कर कमरे में चला गया.
उधर मैं दीदी के बारे में सोचने लगा कि कैसे चोदा जाए.
तभी मुझे उनके मोन करने की आवाज फिर से आने लगी.
मैंने झट से उठ कर फिर से की-होल से झाँका तो देखा कि दीदी काफ़ी तेज तेज फिंगरिंग कर रही थीं.
मैं भी मुठ मारने लगा था.
फिर दीदी ने अपना पानी निकाला और सो गईं.
मैं कमरे में आकर सोचने लगा कि ऐसे कैसे चोद सकूंगा!
लेकिन ये है कि क़िस्मत साथ देती, तो हर तरीके से देती है.
मैं जिस कमरे में सो रहा था, उसका एसी काम नहीं कर रहा था.
अगले दिन मैंने दीदी से कहा कि कमरे का एसी काम नहीं कर रहा है.
दीदी बोलीं- आज से तू मेरे कमरे में सो जाना.
मैं यह सुनकर ही काफ़ी उत्तेजित हो गया.
फिर रात को जल्दी जल्दी उनके यहां आ गया.
मैं दीदी के कमरे में उनके बिस्तर के नीचे सोने जा रहा था, तो वे बोलीं- अरे ऊपर ही आ जा न … इधर जगह तो है. अड्जस्ट कर लेंगे.
यह मेरे लिए सोने पर सुहागा हो गया.
मैं भी ओके बोल कर उनकी तरफ पीठ करके सोने का नाटक करने लगा.
करीब एक घंटे बाद दीदी ने मुझे आवाज दी.
मैं कुछ नहीं बोला.
उन्होंने मुझे हिला कर चैक किया कि मैं सोया हुआ हूँ या नहीं.
फिर कुछ देर बाद मुझे बिस्तर हिलने का अहसास हुआ.
मैं समझ गया कि दीदी फिंगरिंग कर रही हैं.
पर मैं कुछ नहीं बोला.
मैं अपनी तरफ से बिल्कुल जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था.
आज दीदी बहुत धीमी आवाज में मोन कर रही थीं.
अचानक से मैंने सुना कि दीदी मेरा नाम लेकर चूत में उंगली करने लगीं.
यह सुनकर मेरे तो होश उड़ गए.
फिर उनका रस निकल गया और वे वॉशरूम में चली गईं.
मैंने नोटिस किया कि उनका थोड़ा सा पानी बेड पर गिरा था.
मैंने उसकी स्मेल ली.
वह महक मुझे मदहोश कर रही थी.
उसके बाद दीदी वापस आईं.
मेरे तो नींद उड़ गई थी और बगल में गर्म माल चुदने के लिए रेडी हो, तो ऐसे में कहां नींद आती!
कुछ देर बाद मैंने देखा कि दीदी सो रही हैं.
तब मैं उठ कर वॉशरूम गया और वहां जाकर लंड हिलाने लगा.
मेरा काम हो जाने के बाद जब मैं बाहर आ रहा था तब मैंने देखा कि दीदी दरवाजे पर खड़ी थीं.
वे मुझसे हंस कर कहने लगी थीं- क्या कर रहे थे अन्दर? अभी सबको घर पर बताती हूँ!
मैं बोला- सॉरी दीदी!
वे बोलीं- क्यों कर रहा था, वह भी गेट ओपन था वॉशरूम का!
अब मैं बिंदास बोला- आप भी तो करती हो!
यह सुनकर उनके होश उड़ गए.
वे पूछने लगीं- तुम्हें कैसे पता?
‘मुझे सब पता है, कार्यक्रम वाले दिन मैंने सब देखा है … लो आप भी देख लो!’
यह कह कर मैंने अपने फोन में उनकी फोटो व वीडियो दिखा दीं.
दीदी इस बात पर मुझ पर गुस्सा करने लगीं.
मैंने सॉरी कहा.
तो वे मुझसे बोलीं- चलो कोई नहीं, देखो हम दोनों को ही यह सब चाहिए. मैं बाहर मुँह मारने जाऊंगी नहीं, प्लीज तू आज मुझे सॅटिस्फाइ कर दे! समझ ले कि ये सब इस उम्र में चाहिए ही होता है. तुझे मैं पसंद तो हूँ न!
मैंने कहा- मुझे तो आप हमेशा से ही पसंद हो, दीदी आपको क्या बताऊं आपके बूब्स और गांड देख कर मेरा क्या हाल हो जाता है!
दीदी- तो तुम्हें पहले कहना चाहिए था ना!
मैं बोला- मुझे इस बात का डर लगता था कि कहीं आपने मुझे मारा या डांटा तो मेरी तो वाट लग जाएगी न! मुझे तो कॉन्फिडेन्स तब आया, जब आप मेरा नाम लेकर फिंगरिंग कर रही थीं.
वे बोलीं- तुम्हें बगल में देख कर मुझे और गर्मी चढ़ गई … इसलिए मैं तुम्हारा ही नाम लेकर अपनी में उंगली करने लगी थी. पर चलो ठीक है, कोई बात नहीं, जब हम दोनों को एक दूसरे का सब पता ही है तो अब क्यों वक्त खराब करना!
यह कह कर दीदी ने मुझे पकड़ा और किस करने लगीं.
वे मुझे वाइल्ड्ली किस किए जा रही थीं.
मैं भी उनका साथ देते हुए उनके टॉप के ऊपर से ही उनके बूब्स को दबा रहा था.
मैंने पहली बार उनकी चूचियों को हाथ में पूरी तरह से पकड़ा हुआ था.
दीदी के दूध काफी उभरे हुए और एकदम सेवफल जैसे टाइट थे.
मुझे उनके दूध दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था.
फिर मैं नीचे हाथ ले जाकर दीदी के लोवर के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाने लगा था.
दीदी भी अब अपना संयम खोती जा रही थीं और जोर जोर से मुझे किस कर रही थीं.
उन्हें भी मेरे साथ यह सब करने में और करवाने में बहुत मज़ा आ रहा था.
मैं वैसे ही किस करते हुए उन्हें उठा कर बेड पर ले गया और उन्हें लिटा कर उनके ऊपर चढ़ गया.
मैं उन्हें किस कर रहा था, वे भी पूरा मज़ा ले रही थीं.
फिर मैं उन्हें किस करते हुए ही नीचे आया और उनकी गर्दन पर किस करने लगा.
वे मज़े से सीत्कारें भर रही थीं.
मैं और नीचे आ गया और टॉप के ऊपर से उनके बूब्स दबाने और चूसने लगा.
उनके टॉप के ऊपर से दूध चूसने से उनका टॉप दूध के पास गोलाई में गीला हो गया था.
उस वक्त वह टॉप बहुत ही सेक्सी लुक दे रहा था.
मैं उन्हें मादक भाव से देखते हुए नीचे सरकता गया और पूरा नीचे आ गया.
नीचे मैंने उनकी जांघों पर किस किया और उनकी आंखों में कामुकता से देखता हुआ लोवर की इलास्टिक में उंगलियां फंसा कर उन्हें देखा और होंठ गोल करके आंख मारी.
तो दीदी ने अपनी गांड उठा दी और मैंने उनके लोअर को नीचे खींच कर घुटनों तक उतार दिया.
अब मैंने देखा कि दीदी ने गुलाबी रंग की फूलों वाली पैंटी पहनी हुई थी जो चूत के पास फूली हुई थी और गीली थी.
मैंने अपनी एक उंगली से उनकी चूत की फांक को कुरेदा और चूत से खेलते हुए ऊपर को अपने हाथ ले गया.
वे लंबी लंबी सांसें ले रही थीं, जिससे उनके मम्मे गजब उठ-बैठ रहे थे.
मैंने उनके टॉप को ऊपर किया और उनके गले से निकालता हुआ उतार दिया.
आह … जैसे ही मैंने दीदी का टॉप उतारा तो देखा कि वह झीना सा बड़े गले वाला लाइनर पहनी हुई थीं.
उनके मम्मों की क्लीवेज मस्त दिख रही थी.
मेरे सामने एकदम दूध सी गोरी, खुले बालों में दीदी क़यामत माल लग रही थीं.
वे पिंक बिकिनी में कितनी ज्यादा हॉट लग रही थीं, मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.
फिर उन्होंने सरगोशी से कहा- मेरे कपड़े तो उतार दिए और खुद ने पहने हुए हैं.
मैं बोला- आप खुद उतार दो न!
दीदी ने उंगली के इशारे से मुझे खड़े होने का संकेत दिया.
मैं खड़ा हो गया और दीदी ने बैठ कर मेरे टी-शर्ट उतार दी.
उसके बाद मेरे शॉर्ट्स को जैसे ही उतारा, मेरा लंड मेरे अंडरवियर में तंबू बनाए हुए उन्हें मस्त करने लगा था.
दीदी ने मुझे करीब खींचा और मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाया तो मेरे लंड में मानो आग लग गई.
फिर उन्होंने एक झटके से जैसे ही अंडरवियर को नीचे किया, लंड झटके से बाहर उनके मुँह से जा लगा.
दीदी एकदम से अचकचा कर दूर हुईं, तो लंड उन्हें सलामी देने लगा.
उन्होंने मेरा सात इंच लंबा लंड देखा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं.
मैं मजे से उन्हें अपना लंड हिला हिला कर दिखा रहा था.
दीदी- ये इतना बड़ा भी होता है!
मैंने कहा- क्यों आपने इतने बड़े लंड ब्लूफिल्म में नहीं देखे क्या?
वे बोलीं- हां देखती तो हूँ, पर आज सामने से देखा तो चौंक गई.
मैंने कहा- इससे भी बड़े बड़े होते हैं, कभी अफ्रीकन लंड देखोगी तो समझ जाओगी.
दीदी- हां देखे हैं, पर मैं यह सोच रही थी कि वे ना जाने कैसी लड़कियां होती होंगी, तो इतने बड़े बड़े लंड ले लेती हैं … लेकिन सॉरी यार, मैं तुम्हारा यह मूसल बिल्कुल नहीं ले पाऊंगी. मेरी फिंगर ही ठीक है.
दीदी यह बोलकर अपने कपड़े पहनने लगीं.
मैं उन्हें मनाने लगा, लेकिन वे ‘नहीं नहीं’ करने में लगी रहीं.
फिर मैंने उन्हें पकड़ा और बड़े प्यार से उनके होंठों पर, गर्दन पर किस करने लगा साथ ही उनके मम्मों को दबाते हुए सहलाने लगा.
दोस्तो, यहां मैं एक अनुभव की बात लिख रहा हूँ कि जिन्होंने अनमैरिड लड़कियों के साथ सेक्स किया है, वे जानते होंगे कि उनको ऐसे सिड्यूस करने पर वे लड़कियां कैसे बेताब हो जाती हैं.
ठीक वही हुआ … दीदी राजी हो गईं और मेरा साथ देने लगीं.
अब मैंने उनकी ब्रा उतार दी तो वे सिर्फ़ पैंटी में रह गई थीं.
उनके नंगे बूब्स और कड़क खड़े निप्पल मुझे चुदाई के लिए इन्वाइट कर रहे थे.
मैंने जैसे ही उनके एक बूब को मुँह में डाला, वह आह आह करती हुई गर्म सिसकारियां लेने लगीं.
मैं एक दूध को मुँह में लेकर खींचता हुआ चूसता और दूसरे दूध को हाथ में भर कर जोर से मसल देता.
वे भी मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर खेल रही थीं.
फिर मैं उनके बूब्स और निपल्स को जोर जोर से काटने लगा.
वे कहने लगीं- आह यार … आराम से कर न … मैं कहां भागी जा रही हूँ!
फिर मैंने कुछ देर तक उनके मम्मों को बड़े प्यार से सक किया.
अब मैं बेड पर बैठा था, वे नीचे फर्श पर आ गईं और घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड को पकड़ कर सूंघने लगीं.
फिर दीदी ने मेरे लौड़े के सुपारे को मुँह में भर लिया.
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.
लंड को दीदी के मुँह की गर्मी मिल रही थी.
दीदी ने अचानक से एक ही बार में पूरा लंड अपने मुँह में लेने का कोशिश की.
लेकिन लंड बड़ा था तो पूरा अन्दर गया ही नहीं.
फिर उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया, अपनी जीभ को लंड के चारों तरफ फेरने लगीं.
लंड को नीचे से चाटती हुई दीदी ऊपर आ गईं और मेरे मुँह पर मुँह लगा कर मुझे चूमने लगीं.
फिर वे वापस नीचे हुईं और मेरे लंड को अपने मम्मों के बीच में लेकर रगड़ने लगीं.
साथ ही वे लंड को चूसती भी जा रही थीं.
कुछ मिनट बाद उन्होंने मुझे बेड पर सीधा लेटने को कहा और मेरे ऊपर आकर फिर से लंड को चूसने लगीं.
इस तरह से दीदी ने मेरे लंड को काफी देर तक चूसा, जिससे मेरा पानी निकल गया.
वे सारा पी गईं, उन्होंने एक भी बूँद खराब नहीं होने दी.
फिर मैंने उन्हें नीचे लिटाया और उनकी पैंटी उतार दी.
क्या बताऊं यार … उनकी शेव्ड और पिंक पुसी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.
मैं उनकी चूत के चारों तरफ अपनी जीभ को घुमाने लगा.
वे तड़पने लगीं और कहने लगीं- मुझे कुछ कुछ हो रहा है, प्लीज जल्दी से कुछ करो ना!
मैं उनकी चूत चाटने चूसने लगा.
वे भी अपनी कमर नीचे से उठा रही थीं और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थीं.
कुछ ही देर में वे झड़ गईं.
उन्होंने मेरे पूरे चेहरे पर अपना माल छोड़ दिया था.
मैंने उनकी चूत को चाट कर क्लीन किया और उन्हें किस करने लगा.
दीदी अब बिना डर के मेरे लंड से खेल रही थीं.
मैं उनकी चूत पर उंगली लगा कर उन्हें चुदासी कर रहा था.
मेरी जोर जोर से उंगली करने से उन्हें दर्द हो रहा था, तो मैं समझ गया कि वे एक सीलपैक माल हैं और मुझे बड़ी ही सावधानी से उनकी बुर को चूत में तब्दील करना होगा.
अब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था.
दीदी हैरानी से बोलीं- ये इतनी जल्दी कैसे इतना बड़ा हो गया?
मैंने कहा- जब कोई सेक्सी लड़की बगल में नंगी पड़ी हो, तो ऐसा ही होता है.
वे कहने लगीं- अब कितना तड़पाओगे … जल्दी से मुझे चोद दो!
मैं बोला- आ जाओ!
वे कहने लगीं- यार, मेरी एक फैन्टेसी है कि मैं लंड पर राइड करूं!
मैंने कहा- यह आप अभी नहीं कर पाओगी. आप वर्जिन हो, पहले हम लोग नॉर्मली मिशनरी में सेक्स कर लेते हैं. बाद में आप राइड कर लेना!
पर दीदी नहीं मानी, तो मैं लेट गया.
वे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में डालने की कोशिश करने लगीं. लेकिन लंड अन्दर गया ही नहीं.
उन्हें दर्द हुआ.
मैंने कहा- कहा था ना, आपको दर्द होगा. चलो आओ पहले नीचे आ जाओ और मेरे लंड को चूस कर एक बार रेडी कर दो आप!
वे नीचे आ गईं और मेरे लंड को मुँह लेकर चूस कर पूरा गीला कर दिया.
अब मैंने उन्हें लेटा दिया और उनकी दोनों टांगें फैला दीं.
मैंने आसन जमाया और अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर घिस रहा था.
वे रिक्वेस्ट करने लगीं- प्लीज डाल भी दो अब!
उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर सैट किया.
तो मैंने लंड को पकड़ कर अन्दर को धक्का दे दिया मगर लंड फिसल कर ऊपर चला गया.
मैंने उन्हें पैर और ज्यादा फैलाने को कहा.
उन्होंने टांगों को फैला दिया.
मेरे लंड का टॉप जैसे ही चूत के अन्दर गया, उन्हें दर्द हुआ.
फिर मैंने झटका देकर लंड अन्दर डाला.
तो वे दर्द से चिल्लाने लगीं- उफ मर गयी चोदो मुझे नहीं चुदवाना … आह साले बहुत दर्द हो रहा है.
वे मुझसे छूटने की कोशिश करने लगीं लेकिन मैंने लंड अन्दर ही घुसेड़े रखा.
मैं उन्हें किस करने लगा.
इस बीच में मैंने एक और झटका मारा तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया.
उनकी आंखों में आंसू आ गए थे.
मैं उन्हें किस कर रहा था, वह चिल्लाना चाहती थीं लेकिन मेरे मुँह लगे होने के कारण चिल्ला ही नहीं पा रही थीं.
Xxx कज़िन सेक्स में उनकी चूत की सील टूट चुकी थी जिससे रक्त प्रवाह हो रहा था.
लेकिन अभी तक दीदी ने शायद खून को देखा नहीं था इसीलिए उन्हें पता नहीं चला था.
मैं उनके ऊपर वैसे ही शांत पड़ा रहा, उन्हें किस करने लगा, उनकी चूचियों को मसल रहा था, उन्हें चूस रहा था, गर्दन पर किस और बाईट कर रहा था.
कुछ देर बाद दीदी वापस से गर्म हुईं और अपनी कमर उठाने लगीं.
मैं भी धीरे धीरे चोदने लगा.
फिर भी दर्द से उनकी हालत खराब थी.
अभी उन्हें मज़ा आने लगा था, तो वे भी साथ देने लगी थीं.
जैसे ही उनका दर्द कम हुआ, दीदी अपनी कमर उठाने लगीं.
उन्हें मज़ा आने लगा था.
मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी.
अब वह मज़े ले ले कर चुदवाने लगी थीं और कामुक आवाजें निकालने लगी थीं.
मैं भी अब अपनी दीदी को मज़े से चोदे जा रहा था.
वे गाली देती हुई आह आह कर रही थीं- आह साले बहन के लंड … आअहह चोदो मुझे … आह कब से ये चूत तुम्हारे लंड के लिए तरस रही थी … अब इसे चूत से बाहर ही नहीं निकालना … आह बस चोदते जाओ!
मैं भी कहने लगा- आह ले मेरी चुदक्कड़ रानी … और ले!
दीदी अपनी गांड उठाती हुई कहने लगीं- आह … बहुत मज़ा आ रहा है और तेज चोदो आह फाड़ दो मेरी चूत!
करीब दस मिनट बाद दीदी झड़ गईं उनकी चूत का गर्म पानी मुझे और उत्तेजित कर रहा था.
चूत में चिकनाई बढ़ गई थी तो मैं उन्हें धकापेल चोदे जा रहा था.
पूरे कमरे में उनकी और उनकी चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं.
फिर बीस मिनट बाद मैं भी आने वाला था.
मैंने कहा- मेरा आने वाला है?
वे कहने लगीं- मेरे मुँह में देना प्लीज … मुझे इसका टेस्ट बहुत मस्त लगा.
मैं चूत से लंड निकाल कर ऊपर आ गया और उनके मुँह में दे दिया.
दीदी लंड को चूसने लगीं.
तभी लंड ने रस छोड़ना शुरू कर दिया और दीदी लंड का पूरा पानी अपने मुँह में लेती हुई चूसने लगीं और वे सारा पानी पी गईं.
लंड का रस खत्म होने के बाद भी वे मेरा हथियार चूसती रहीं और थक कर मेरे बगल में लेट गईं.
मेरा लंड वापस कड़क हो गया था तो मैंने दीदी को दुबारा से किस करना आरम्भ कर दिया; फिर से ऊपर से नीचे तक किस करने लगा.
दीदी कहने लगीं- अब और मत करो यार … मुझे दर्द हो रहा है!
मैंने कहा- अरे आ जाओ मेरी रानी … अब मैं आपको लंड पर बिठा कर जन्नत की सैर करवा देता हूँ!
यह सुनते ही दीदी रेडी हो गईं.
वे बोलीं- हां ये तो मेरी न कब से फैन्टेसी है!
मैंने कहा- हां तो आ जाओ न!
मैं सीधा लेट गया और दीदी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थीं.
इस बार तो दीदी और अच्छे से लौड़े को चूस रही थीं.
वे किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह मज़े से लंड चूस रही थीं.
फिर 5 मिनट बाद वे बोलीं- अब डालना है!
दीदी लंड पर बैठ कर अपनी चूत में लंड सैट करने लगी थीं.
पर चूत अभी भी इतनी टाइट थी कि लंड आसानी से अन्दर जा ही नहीं रहा था.
दीदी ने बहुत कोशिश की, फिर भी लंड नहीं गया.
वे उदास हो गईं.
मैं- रूको … पहले आप सीधी लेट जाओ!
जब वे लेट गईं, तब मैंने चूत में लंड पेला.
इस बार भी उन्हें दर्द हुआ, लेकिन पहली बार से काफी कम था.
मैंने दीदी की चूत में लंड चलाते हुए ही उनसे कहा- अब आप सीधी हो जाइए.
दीदी काऊगर्ल पोजीशन में आकर देखने लगीं कि मेरा लंड उनकी चूत में घुसा हुआ है.
वे बहुत खुश हुईं और लंड पर उछलने लगीं.
उन्हें दर्द हो रहा था तो वे धीरे धीरे कूद रही थीं.
मैं भी नीचे से झटके देने लगा.
शुरू शुरू में उन्हें दर्द हुआ, पर फिर मज़ा आने लगा.
अब दीदी तेज तेज गांड को उछाल कर मज़े ले रही थीं, उनके दूध भी गजब उछल रहे थे.
मैं भी नीचे से झटके लगा रहा था.
इस बीच लंड बाहर आ गया तो वे दुखी हो गईं कि फिर से अन्दर नहीं जाएगा.
मैंने उनसे कहा- एक बार ट्राइ कर लो … शायद अभी चला जाए.
उन्होंने लंड पकड़ कर चूत में लिया तो इस बार उनकी चूत में लंड आराम से चला गया.
अब उन्हें और ज्यादा मज़ा आने लगा.
वे अब और तेज तेज मोन कर रही थीं- आहह उफ्फ़ चोदो बेबी … आह और तेज करो ना … आह और तेज और तेज … ओह माय गॉड … फक मी आह बेबी … फक मी हार्डर … उफ आअहह!
इस तरह से दीदी 15 मिनट में ही थक कर झड़ गईं.
लेकिन मेरा नहीं हुआ था.
मैंने उन्हें बेड से लगा कर डॉगी स्टाइल में खड़ी किया और उनकी चूत में लंड पेला.
करीब आधा घंटा तक ताबड़तोड़ चोदने के बाद वे बेड पर गिर गईं.
मैं वैसे ही दीदी को चोदता रहा.
अब कुछ मिनट बाद मेरा वीर्य आने वाला था.
मैंने बताया, तो दीदी कहने लगीं- इस बार मेरे पूरे फेस पर देना, अन्दर मुँह में नहीं देना!
फिर मैंने उनका पूरा चेहरा मेरे लंड के पानी से सान दिया.
Xxx कज़िन सेक्स से दीदी बहुत खुश हो गई थीं.
वे अपनी उंगली से वीर्य उठा उठा कर चाट रही थीं और हंस रही थीं.
सच में दीदी पक्की छिनाल लग रही थीं.
मैंने टाइम देखा, तो सुबह के 4.30 हो रहे थे.
हम दोनों साफ सफाई करके नंगे ही सो गए.
सुबह दीदी ने मुझे उठाया और मुझे देख कर शर्माने लगीं.
मैं नंगा ही था, जबकि वे कपड़े पहने हुई थीं.
मैंने फिर से उनके कपड़े उतार दिए और कहा- जब हम दोनों घर पर अकेले होंगे, हम दोनों में से कोई भी कपड़ा नहीं पहनेगा.
फिर जब तक घर वाले नहीं आ गए, तब तक हम दोनों ने हर रात चुदाई की. घर के हर एक कोने में, हर एक पोजीशन में मैंने दीदी की चुदाई की.
अब हमें जब भी मौका मिलता, हम दोनों सेक्स कर लेते हैं.
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