फ्रेंड्स, मैं राहुल यादव हूँ और बहरामपुर उड़ीसा का हूँ.
मैं 5 फुट 8 इंच हाइट हूँ और एथलीट बॉडी है, रंग हल्का सांवला है.
लड़कियों की खास रुचि के लिए बता दूँ कि मेरा लंड 7 इंच लंबा है व 3 इंच मोटा है.
मैंने बहुत सारी कंपनियों में अपना रेज़्यूमे भेजा हुआ था, पर कहीं पर भी नहीं बुलाया गया था.
मैं कंपनी की तरफ से आने वाले ऑफर लेटर का इंतजार कर रहा था.
पहले कंपनी की तरफ से कॉल आया कि 45 दिन की ट्रेनिंग होगी, उसके बाद ऑफर लेटर मिलेगा.
कंपनी की तरफ से जिस तारीख को मुझे बुलाया गया था, उस तारीख को करीब 26 लोग ट्रेनिंग के लिए आए थे.
ट्रेनिंग का वह पहला दिन था.
मैंने सोचा कि इस लड़की की भी मेरे साथ ही ट्रेनिंग होगी.
अब तक आधा घंटा हो चुका था, कोई ट्रेनर नहीं आया था.
तभी वह लड़की बोली- मैं ही तुम सबकी ट्रेनर हूँ.
उसकी बात सुनकर हम सब चकित हो गए कि जब यह ट्रेनर थी तो अब तक चुप क्यों थी.
शायद वह हम लोगों की बातें सुनकर कुछ अंदाज लगाना चाह रही थी.
यह शायद उन लोगों की कार्यप्रणाली का एक हिस्सा था.
अब हमारी ट्रेनिंग शुरू हुई.
जैसी वह दिख रही थी, उस पर से आंख हटाने के लिए मन कर ही नहीं रहा था.
मैं बस उसे घूरता रहा.
इस बात को उसने नोटिस भी किया पर कुछ नहीं बोली.
उसने बस मेरा नाम और मेरी हॉबीज आदि पूछ कर मुझे बैठा दिया.
मुझे तो बस ऐसा लग रहा था कि साली को वहीं पर पटक कर चोद दूं.
उसके मम्मों को जब मैं घूर रहा था, तभी ट्रेनर ने मेरी नजरों का पीछा किया और एक हल्की सी मुस्कान बिखेर दी.
कुछ दिन बाद और एक मॉक टेस्ट हुआ तो मैं व मेरे साथ कुछ लोग उसमें फेल हो गए.
अब मैं पक्का हो गया कि उनके मन में भी कुछ तो चल रहा है.
अब इधर मैं आपको उसकी फिगर बता देता हूँ.
हाइट साढ़े पाँच फिट और उस पर भी हाई हील की सैंडल पहनती थी तो उसके 36 इंच की चूचियां और 40 इंच की गांड एकदम तोप की तरह उठी हुई दिखाई देती थी.
उसका नाम सौम्या था, मैं उसको मिस बोल कर बुलाता था.
मेरे बुलाने पर वह मेरे करीब आई और मेरे पीछे से झुक कर बताने लगी थी कि सिस्टम में क्या कैसे करना है.
मैंने अपना एक हाथ अपने लंड के ऊपर रख कर उसे दबा दिया.
मेरी इस हरकत को मिस सौम्या देख चुकी थी.
मैंने हैलो कहा और उनके सामने एक हाथ जोड़ने वाली इमोजी भेज दी.
वह मेरे साथ पहले तो सामने मैसेज करती रही.
कुछ दिन तक हमारे बीच ऐसे ही इधर उधर की बातें होने लगी थीं और बीच बीच में वह खुद ही मुझसे नॉनवेज बातें भी करने लगती थी तो मैं भी उससे खुल गया था.
करीब 25 दिन बाद अब हमारी ट्रेनिंग रात में होनी थी.
मैंने भी हंस कर उसकी तरफ देखा तो वह सबको देखने लगी और मैंने भी खुद को संयमित किया.
फिर वह धीरे से बोली- स्टाफ रेस्टरूम में कोई नहीं है. मुझे अकेले में डर लगता है, आज तुम भी उधर ही आ जाओ.
मैं समझ गया कि आज ही चूल्हे में लकड़ी लगाने का अवसर प्राप्त हो सकता है.
वहां जाने के बाद वह अंगड़ाई लेती हुई बोली- आज बहुत गर्मी लग रही है न!
बस यह कहा और सौम्या ने अचानक से अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया.
वह मेरे सामने पारदर्शी काले रंग के ब्लाउज में थी और उसके अन्दर काले रंग की ही ब्रा झलक रही थी.
वह झट से मान गयी.
मैं अब उसका सर दबा रहा था तो ऊपर से उसके खुले गले के ब्लाउज से मम्मे दिख रहे थे.
मैंने भी उस डबलबेड पर एक ओर को लेट गया.
उसका पल्लू गिरा हुआ था और चूचे साफ दिखाई दे रहे थे.
मेरे लंड को आत्महत्या करने का जी कर रहा था कि सामने रबड़ी की दुकान खुली है और मैं कुछ कर ही नहीं पा रहा हूँ.
जब मैं उसकी चूचियों को देखता तो लंड और ज्यादा फड़फड़ाने लगता.
मुझसे और ज्यादा कंट्रोल नहीं हो सका और मैंने हाथ बढ़ा कर सौम्या के एक दूध को दबा दिया.
वह एकदम से उठ गयी और बोली- ये क्या कर रहा है राहुल?
फिर मैं उसकी गर्दन पर किस कर रहा था, तो वह बोली- राहुल आई लव यू … आई लव यू सो मच!
मैंने भी उससे कहा कि यस आई लव यू टू जान … आह.
मैंने उसके पेटीकोट को जब ढीला करके उसकी टांगों से बाहर निकाला, तो वह मेरी तरफ पीठ करके घूम गई.
पैंटी की पट्टी उसकी गांड के छेद को भर ढके हुई थी.
बाकी दोनों चूतड़ एकदम नग्न थे जो मलाई जैसे थे.
मैंने कुछ देर तक उसके दोनों चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से मसला और सहलाया.
फिर चूतड़ों से ऊपर हाथ गया तो आधे खुले ब्लाउज को हटा कर मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोला तो उसकी आह निकल गई.
मैंने उसे अपनी तरफ पलटने की कोशिश की तो वह शर्मा गई और उसने अपने दोनों दूध हाथों से ढक लिए.
फिर जब मैंने उसकी पैंटी को टांगों से निकाला, तो मैं चूत देख कर दंग रह गया.
मैंने जैसे ही उस सुकोमल चूत को देखा तो रहा ही न गया; मैंने तुरंत अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया.
वह एकदम से सिहर उठी और उसके कंठ से मादक सिसकारी निकल गई- उम्म्म राहुल आह उम्म्म माँआ ऑह माय गॉड … उहह प्लीज़ राहुल मुझे ठंडा कर दो प्लीज … मैं जल रही हूँ आह!
मैं भी लगा रहा और उसकी चूत से निकले रस को चाट कर पूरा पी गया.
मैं रस पी लेने के बाद भी उसकी चूत को चाट रहा था.
वह बोली- प्लीज़ राहुल, तड़पाओ मत अब अन्दर डाल दो.
मैं उसे किस करने लगा और उसकी चूत के ऊपर लंड को सैट कर दिया.
अब मैंने जैसे ही धक्का दिया तो वह चिल्ला उठी- उई मांआ अ मादरचोद साले … ऐसे कौन चोदता है बे भोसड़ी के … आह फाड़ दी हरामी ने!
मैंने भी लंड को और जोर से पेलते हुए उसे गाली बक दी- साली रंडी … चूत को कैसे चोदा जाता है, बहन की लौड़ी तू मुझे चोदना सिखाएगी. आह … आज तेरी सील फाड़ दूँगा रंडी!
सौम्या की बुर एकदम टाइट थी.
उसने शायद अब तक किसी के साथ सेक्स ही नहीं किया था.
मैंने उससे पूछा, तो वह बोली- अन्दर नहीं निकालना, मैं मुँह में ले लूँगी.
कुछ ही चुप्पे लगाने के बाद मैं झड़ने लगा और मैंने उसके मुँह में ही अपना माल निकाल दिया.
मैं हैरान था कि वह चुदते समय इतनी जोर जोर से तड़प रही थी और अब चुदने के लिए तड़फ रही है.
कुछ मिनट चुदने के बाद वह झड़ गयी थी पर मैं लगा रहा.
उधर कोई नहीं था सब चले गए थे.
फिर हम दोनों एक साथ कंपनी से अपने अपने घर के लिए निकल गए.
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