मैं हरजिंदर सिंह पंजाब से हूं, रोपड़ जिले के नज़दीक एक गांव में रहता हूं. मैं शादीशुदा हूं और अपनी बीवी और बच्चे के साथ बहुत बढ़िया जीवन व्यतीत कर रहा हूं.
बात इस जून महीने की है, मेरी बीवी की एक सहेली का मेरी बीवी के पास फ़ोन आया. उसने मेरी बीवी को बताया कि वो कल हमारे घर आ रही है.
ये बात मेरी बीवी ने मुझे बताई कि उसकी पक्की सहेली हरप्रीत (बदला हुआ नाम) कल आ रही है और आप उसे रोपड़ से ले आना.
अगले दिन मैं मेरी बीवी की बताई जगह पर बस स्टैंड पर पहुंच गया. मैं अभी सोच ही रहा था कि अपनी बीवी को फ़ोन करके बता दूं कि मैं पहुंच गया हूं कि तभी मेरे सामने एक बहुत ही खूबसूरत औरत खड़ी हो गई और मैं सब कुछ भूलकर उसे देखने लगा.
उसका दूध सा सफेद रंग, सीधे किए हुए काले लंबे बाल और उसके मस्त कसे हुऐ चुंचे देखकर दिल बोला कि ऐसी हसीना अगर चोदने को मिल जाए … तो जीना सफल हो जाए.
खैर … मैंने उससे चलने के लिए कहा. वो मेरे पीछे बैठ गई और मैं उसे लेकर अपने घर आ गया. पूरे रास्ते में मैंने उससे कोई बात नहीं की. क्योंकि मुझे डर था कि वो मेरी बीवी को न बता दे.
मगर मैं पूरे रास्ते उसी के बारे में सोचता रहा कि कोई इतना खूबसूरत भी हो सकता है.
घर आकर चाय नाश्ता करने के बाद मेरी पत्नी रसोई में खाना बनाने लगी और मैं छिपी नजरों से बस उसकी सहेली को ही देख रहा था.
कुछ देर बाद मेरी बीवी ने खाना लगाया और उन दोनों ने खा लिया. मैंने नहीं खाया क्योंकि मेरा तो उसका चेहरा देखकर ही पेट भर गया था.
तो मैं अपनी बाइक पर उसे छोड़ने चला गया. पूरे रास्ते मैंने भगवान से प्रार्थना की कि हे भगवान सिर्फ एक बार मैं इसको चोदना चाहता हूं. बस यही कामना करता हुआ उसके जिस्म के स्पर्श का सुख लेता रहा. मैंने अब भी उससे कोई चर्चा नहीं की.
तभी मेरी बीवी चाय ले कर आ गई और हमारी चैटिंग बंद हो गई. चाय नाश्ते के बाद मुझको भी ड्यूटी जाना था, तो मैं भी तैयार होकर ड्यूटी के लिए निकल गया. मैं सोचने लगा कि इसका पति इसके पास नहीं रहता है तो इसको भी मर्द की जरूरत होती होगी. ये सब सोचते ही मुझे उसकी कल की मुस्कराहट में कुछ दिखने लगा.
उसकी बात सुनकर मैंने भगवान का शुक्रिया अदा किया.
मैं लगभग 9:30 पर घर से निकल गया रास्ते में मेडिकल स्टोर से मैंने कंडोम ले लिए और एक दुकान से चॉकलेट लेकर मैं उसके गांव चला गया. उसका गांव रोपड़ से बीस मिनट की दूरी पर ही था.
उसके बाद हम दोनों उसके घर वापिस आ गए.
घर आने के बाद मैंने बोला कि मैं अब चलता हूं.
वो भी शायद कुछ समझ गई थी.
फिर वो चाय के साथ रोस्टेड काजू ले आई और इस बार वो बिना दुपट्टे के थी. उसका गहरे गले का कुर्ता उसके मम्मों की लकीर साफ़ दिखा रहा था.
जब वो चाय रखने के लिए झुकी, तो मेरी नज़र उसके कबूतरों पर चली गई.
लेकिन तभी वो बोली- साली भी आधी घरवाली होती है, तो दूध तो पिला ही सकती है.
बस उसके इतना बोलने की देर थी कि मैंने उसको पकड़ा और अपने पास खींच कर उसके होंठों से अपने होंठ सटा दिए. वो कसमसा कर मुझसे छूटने की कोशिश ऐसे करने लगी, जिससे वो छूट ही न पाए.
मैं उसके होंठों का रसपान करने लगा. थोड़ी देर में वो भी साथ देने लगी. मैंने उसका एक दूध को अपने हाथ से मसलना शुरू कर दिया और उसके होंठों का रस पीता रहा. फिर मैंने उसका शर्ट जो उसने पहना था, वो पकड़ कर ऊपर किया. इस बार उसने भी सूट उतारने में साथ दिया. उसने ब्लू कलर की ब्रा पहनी थी. मैंने उसकी ब्रा ऊपर की और उसके निप्पल देखने लगा. उसके निप्पल पिंक कलर के थे.
मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में लिया और उसका दूध पीने लगा. फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी.
उसने मेरी शर्ट पैंट और बनियान उतार दी. मैंने भी उसका प्लाज़ो उतार दिया. वो सिर्फ पेंटी में थी. मैं सिर्फ अंडरवियर में.
मैंने फिर से उसके कबूतर को मुँह में लिया और चूसने लगा. वो भी अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी.
उसकी चड्डी भी मैंने उतार दी और उसकी चूत में उंगली डाल कर आगे पीछे करने लगा. वो गर्मागर्म सिसकारी ले रही थी. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था.
यह बोलते ही अपनी जीभ से उसकी क्लिट को चूसना शुरू कर दिया. वो अपना सर इधर उधर मारने लगी और मैं एक उंगली उसकी चुत में डाल कर आगे पीछे करने लगा.
वो पागल सी हो गई और पता नहीं क्या क्या बोलती रही. कोई 5 मिनट में ही उसकी चुत का अमृत निकल गया. वो निढाल होकर लेट गई.
उसका पूरा चूत रस मैंने चाट कर पी लिया, वो फिर से गर्म हो रही थी.
मैंने 69 की पोजिशन में आकर उसे लिटाया. अब मैं उसकी चूत चूसने लगा और वो मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. थोड़ी देर बाद उसे मज़ा आने लगा और वो पूरा लंड मुँह में ले कर चूसने लगी. थोड़ी देर बाद उसने पानी छोड़ दिया और मेरा भी होने वाला था.
मैंने लंड उसके मुँह से निकाला और उसके चूचों को माल से भर दिया.
थोड़ी देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे और फिर उसने टिश्यू पेपर से मेरा लंड अपने चूचे और चूत साफ की.
ये कह कर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. मैं भी उसका साथ देने लगा. कुछ देर बाद मैंने उसे नीचे लेटाया और खुद उसके ऊपर आ गया. मेरा लंड उसकी चूत से सट गया. वो आंखें बंद करके लेट गई. मैंने कोई भी हलचल नहीं की.
वो बोली- जीजू यार अब डाल भी दो … क्यों तड़फा रहे हो.
मैं उसके गले को किस करने लगा और लंड पीछे खींच कर एक और झटका मारा. वो फिर से चिल्लाई और चादर को मुट्ठी में भर कर भींचने लगी.
मैंने थोड़ी देर उसके होंठों को चूसा और एक हाथ से उसके चुंचे मसलता रहा. वो अब सामान्य हो चली थी और अपनी गांड हिलाने लगी थी. मैंने धीरे धीरे पम्पिंग शुरू की. जब वो भी अपनी गांड आगे पीछे करने लगी, तो मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी. वो भी कामुक आवाजें निकालने लगी.
थोड़ी देर बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को बोला, तो वो झट से डॉगी स्टाइल में आ गई. मैंने लंड उसकी चूत के मुँह पर सैट करके एक झटके में पूरा डाल दिया और फुल स्पीड में चुदाई शुरू कर दी. पूरा कमरा फच-फच की और उसकी कामुक सिसकारियों से गूंजने लगा.
फिर मैं नीचे लेट गया और उसको ऊपर आने को बोला.
फिर मैंने उसे नीचे लिटाया और खुद उसके ऊपर चढ़ कर फुल स्पीड से उसे चोदने लगा.
इस तरह से कुल 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा होने वाला था.
मैंने दस बारह झटकों के बाद उसकी चूत में अपना वीर्य गिरा दिया और मेरे साथ ही वो भी निढाल हो गई … क्योंकि उसकी चूत ने भी रस छोड़ दिया था.
थोड़ी देर मैं उसके ऊपर लेटा रहा. फिर हम दोनों अलग हुए और एक दूसरे की तरफ देखने लगे.
मैंने उसे गाल पर एक लव बाईट दी और फ्रेंच किस की. लगभग 30 मिनट बाद हम बाथरूम गए और वह एक साथ नहाए. थोड़ी मस्ती की और फिर नंगे ही बेड पर आ गए.
हमने फिर से किस करना शुरू किया. थोड़ी देर बाद उसने मेरा लंड पकड़ा और सहलाने लगी. लंड उसके मुलायम हाथों में आते ही टाइट हो गया और वो उठ कर उसे देखने लगी. उसने लंड मुँह में ले लिया और पूरा गले तक डाल कर चूसने लगी. मैं भी उसकी चुत में उंगली करने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने उसे बेड के नीचे खड़ी होकर बेड पर झुकने को बोला. वो कुतिया बनी और मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी चूत में डाल कर उसकी चुदाई शुरू कर दी.
वो इस तरह से एडजस्ट नहीं कर पा रही थी. कुछ ही धक्कों के बाद वो बोली कि ऐसे में मजा नहीं आ रहा है … मैं थक गई हूं … मुझे अपने नीचे लेटा कर चोदो. मगर मुझे बड़ा मजा आ रहा था. मैंने उसकी एक न सुनी और उसको इसी पोजीशन में लगभग 30 मिनट तक चोदा. उसकी चूत को एक बार फिर लंड रस से भर दिया.
उसके बाद हम थोड़ी देर लेटे रहे और फिर मैं तैयार हो कर अपने घर आ गया.
इस चुदाई के बाद तो हर 15 दिन में हमारा चुदाई का सिलसिला चलता रहता है.
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