मेरा नाम अमित है.मैं लखनऊ शहर में जॉब के लिए रहने आया था.
तब मैं इस शहर में एकदम नया नया था.
मैंने यहां आने से पहले ऐसे फ्लैट ऑनलाइन सर्च किए थे जो रहने के लिए एकदम स्वतंत्र हों, मतलब उनमें आने जाने पर कोई रोक टोक न हो और फ्लैट में भी मेरे साथ किसी के रहने का पंगा न हो.
मैंने दो तीन जगह बात भी की थी और कुछ जगह अपना नंबर भी छोड़ा था.
उसी वजह से मुझे एक फ्लैट के मालिक का कॉल आया.
उसने मुझे लोकेशन बताई और किराया भी बताया.
उसके फ्लैट का किराया भी कम था इसलिए मैंने तुरंत उससे हां कह दी और अगले ही दिन जाकर उस फ्लैट में शिफ्ट भी हो गया.
फ्लैट में जाने के लिए एक गलियारा था.
उधर मैंने देखा कि मेरे फ्लैट के आस पास भी कुछ लेडीज अंडर गारमेंट्स पैंटी ब्रा व कुछ अन्य कपड़े सूखने टंगे हुए थे.
मैंने मकान मालिक से पूछा कि ये सब किसके कपड़े टंगे हैं?
तो उसने बताया कि इसी फ्लोर के साइड वाले एक टू बी एच के फ्लैट में एक लड़की रहती है और दूसरी तरफ एक फैमिली भी रहती है, यह सब उन्हीं के कपड़े होंगे.
मैं कुछ नहीं बोला और उस फ्लैट में रहने लगा.
कुछ दिन तक मैं अपने काम में व्यस्त रहा.
सुबह सुबह मैं घर से निकल जाता था और सीधे शाम को ही वापस आता था.
मैंने नोटिस किया कि रात में कभी कभी किसी का आना जाना होता है.
पर मैं कुछ नहीं बोला.
सामने वाले फ्लैट में मैंने देखा कि एक भाभी रहती हैं.
वे एकदम यंग हैं.
उनके बारे में मैं क्या ही बताऊं दोस्तो, क्या चीज़ थी वे!
मैंने पहली बार में ही उसको शॉर्ट्स में देखा था.
रात में जब में खाना खाने के बाद मैं टहल रहा था, तभी वह छत पर आई थी.
उसे शायद किसी से कॉल पर बात करनी थी.
उसकी गोरी और गुदाज भरी हुई नंगी जांघें देख कर मेरे लंड को चेतना सी आ गई.
फिर मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा तो मासूम सा चेहरा, उसके घुँघराले से ब्राउन कलर के बाल … और टाइट टी-शर्ट में कसे हुए बूब्स देखे तो मेरी नजरें उसके कड़क निप्पलों पर टिक गईं.
मैं बस एकदम से उसे देखता ही रह गया.
वह फोन पर बात कर रही थी और उसका ध्यान मेरी तरफ था ही नहीं.
कुछ देर बाद उसने मुझे देखा तो वह फोन कट करके मेरे पास आई.
वह मुझसे पूछने लगी कि क्या आप यहां नए आए हैं?
मैं हां कहा और उसकी आंखों में झाँका.
वह मुझसे मेरे बारे में पूछने लगी.
मैंने उसे अपने बारे में सब बताया और यह भी बताया कि मैं लखनऊ में जॉब करता हूँ.
उसके बाद मैंने उससे उसके बारे में पूछा.
तब उसने मुझे अपने बारे में भी बताया कि वह यहां एक साल से रह रही है, उसकी शादी हो चुकी है और उसके पति बाहर रहते हैं, वे कभी कभी ही आ पाते हैं.
मैं उसकी इस बात से जरा चौंका कि यह क्या बात हुई कि पति कभी कभी ही आ पाते हैं.
खैर मुझे इस बात कोई लेना देना नहीं था.
हां यदि वह मुझसे कुछ चाहती तो जरूर मैं उसके काम आ सकता था.
एक दो पल रुकने के बाद उसने मुझसे कहा- आपको कभी कोई मदद चाहिए हो तो बताना!
मैंने बोला- ठीक है धन्यवाद.
इस बीच मेरी नजरें उसके क्लीवेज को देखने में लगी थीं और मैं बड़ी बेशर्मी से उसके मम्मों की घाटी को देखे जा रहा था.
उसने मुझे अपने मम्मों को ताड़ते हुए देख लिया तो वह मुझसे गुड नाइट बोल कर चली गयी.
ऐसे ही हम दोनों रात में मिलने लगे.
खाना खाने के बाद कभी कभी मुझे देरी हो जाती और छत पर आने में 12 तक बज जाते, तो उस वक्त भी वह मेरी आहट पाकर छत पर आ जाती.
ऐसे ही कुछ दिन बीते, मैं उसे बहुत घूरता था.
उसे मालूम था और उसने मेरी इस बात को नोटिस भी किया था.
हम दोनों के बीच में औपचारिकता खत्म हो गई थी और वह अब मुझसे आप की जगह तुम कहने लगी थी.
एक दिन उसने कहा- तुम खाना कैसे बनाते होगे? कल से तुम मेरे यहां खाना. रात का खाना मैं बना दिया करूँगी!
मैंने मना किया.
वह जिद पर अड़ी रही और कुछ देर बाद मैं मान गया.
मैं बोला- ठीक है, हम दोनों मिल कर बना लिया करेंगे.
इस पर वह राज़ी हो गयी.
फिर अगले दिन जब मैं ऑफिस से आकर आराम कर रहा था.
तब आठ बजे थे.
उसी वक्त किसी ने दरवाजे पर दस्तक दी.
मैंने गेट खोला तो सामने वही भाभी थी.
वह जीन्स और क्रॉप टॉप पहनी हुई थी और सदा की तरह बिजली गिर रही थी.
वह मुझसे बोली- चलो मेरे कमरे में, खाना बन गया है.
मैंने कहा- अरे बताना चाहिए था ना … मैं मदद कर देता!
वह बोली- कोई नहीं, आज पहला दिन है. कल से तुम मेरी मदद कर देना.
मैं उसके साथ चला गया.
हम बात करने लगे.
कुछ टाइम बाद उसने खाना लगाया.
हम दोनों ने खाना खाया और खाना खाते समय भी इधर उधर की बातें चलती रही थीं.
मैं उसको घूरता जा रहा था.
क्या माल थी यार … आपको कैसे बताऊं.
उसकी अदाएं एकदम पागल कर देती थीं.
उसकी खुशबू बहुत मस्त थी.
कोई उसकी खुशबू को ही सूंघ ले तो मेरा दावा है कि वह उतने में ही मदहोश हो जाएगा.
हम दोनों खाना खाकर छत पर वॉक करने आ गए.
तभी उसका कोई कॉल आ गया तो वह फोन सुनने लगी.
किसी ने फोन पर बताया कि वह नीचे आया है तो वह चली गयी.
ऐसे ही कुछ दिन गुज़रे.
इन दिनों मैं उसको बस देखता रहता था.
जब खाना खाने जाता था, तब भी मेरी नजरें उसके मम्मों को जरूर घूरती थीं.
वह इस बात को समझती थी कि मैं उसके दूध देख रहा हूँ, पर वह कुछ नहीं कहती थी.
शायद उसे भी मेरा यूं देखना अच्छा लगने लगा था.
एक दिन छत पर भाभी के जाने के बाद मैं उसकी ब्रा पैंटी को सूंघने लगा जो सूखने के लिए टंगी थीं.
जब मन ने पागल कर दिया तो मैंने छत का दरवाजा बन्द कर दिया और भाभी की पैंटी को लंड पर लपेट कर रगड़ते हुए मुठ मारने लगा.
झड़ने के बाद वापस वैसे ही टांग कर छोड़ दिया.
मैं कुछ दिन तक ऐसे ही करता रहा.
जब भाभी नीचे चली जाती, तो मैं उसकी पैंटी को खराब करके टांग देता था.
इस बात से उसको शक हो गया था.
कुछ दिन ऐसे करने के बाद मैं जब अगले दिन उसके घर खाना खाने और साथ में खाना बनाने में मदद करने के लिए गया था.
जैसे ही मैंने उनके दरवाजे पर दस्तक दी तो भाभी ने दरवाजा खोल दिया.
मैं उसे देखता ही रह गया.
भाभी ने एकदम छोटा सा टॉप पहना था, जो उसके कंधों से नीचे को था. उसके कंधे साफ दिख रहे थे और उसी वजह से उसका क्लीवेज और ज्यादा मारू लग रहा था.
नीचे शॉर्ट्स भी उसने एकदम छोटा वाला पहना हुआ जो कि आजकल युवा लड़कियों के पहनावे में खासा चलन में है.
मैं बस उसे देखता ही रह गया.
वह हल्की सी मुस्कुरा दी और अन्दर आने की कह कर किचन में जाने लगी.
मैंने भी दरवाजा बन्द किया और मन में उसकी सेक्सी बॉडी की चुदाई करता हुआ उसके पास किचन में आ गया.
हम दोनों खाना बनाने के काम में लग गए.
मैं काम करते करते उसे कनखियों से देख लेता था.
उसे भी पता था कि मैं उसको आंखों से चोद रहा हूँ.
उस दिन मैं देख रहा था कि उसे गर्दन पर पसीना आ रहा था, उसके अंडरआर्म्स से भी पसीना बह रहा था और कमर पर भी पसीने की बूंदें साफ झलक रही थीं क्योंकि उसका टॉप काफी छोटा था और उसका आधा पेट दिख रहा था.
मेरा मन कर रहा था कि आज इसको यहीं पटक कर चोद दूँ.
मैं भाभी को देखे जा रहा था.
आज तो मेरी उस पर से नज़र हट ही नहीं रही थी.
तभी भाभी ने पूछा- तुम मुझे ऐसे घूरते हो कि क्या बताऊं!
यह सुनकर मैंने झट से अपनी नज़र हटा ली.
वह बोलने लगी- तुम्हारी कोई जीएफ है या नहीं?
मैं बोला- पहले थी, पर इस शहर में कोई नहीं है, उससे भी ब्रेकअप हो गया है.
वह कुछ नहीं बोली
मैंने पूछा- मैंने तुम्हारे हज़्बेंड को नहीं देखा!
तो वह बताने लगी कि मेरे हज़्बेंड ने मुझसे झूठ बोलकर शादी की थी. उसकी पहले से शादी हो चुकी थी. अब वह कभी कभी बस मिलने आता है.
ऐसा बताते बताते वह बहुत उदास हो गई.
मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे ढाढ़स बँधाते हुए कहने लगा- कोई बात नहीं, सब ठीक हो जाएगा. अगर कोई दिक्कत हो तो मुझे बताना!
वह अचानक से हंसने लगी ओर बोली- आप जो छत पर करते हो वह मुझे अच्छे से पता है.
मैं थोड़ा असहज हो गया कि यह मेरी मुठ मारने वाली बात कह रही है.
फिर भाभी बोलने लगी- क्या तुम मुझे पसंद करते हो?
मैं तुरंत बोला- हां बहुत ज्यादा!
भाभी ने पूछा- तुमको मुझमें क्या पसंद है?
मैंने कहा- सब कुछ!
वह हंसने लगी.
मैंने तुरन्त उसे पकड़ लिया और किस करने लगा.
उसका स्पर्श पाकर मैं जवान सेक्स के लिए एकदम पागल हो गया था.
वह मना नहीं कर रही थी तो मैं भी दीवानों की तरह उसके मुलायम गुलाबी और रसभरे होंठों को चूसने लगा.
मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में भर लिया था और चूसने लगा था.
मैं उसकी लार को भी चाटता जा रहा था.
उसने खुद को मुझसे छुड़ाया और कहा—अरे यार तुम तो बहुत अच्छा किस करते हो … मैं तो सच में निहाल हो गई!
हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर प्यार करने लगे.
भाभी बताने लगी कि मेरी कुछ फैन्टेसी हैं.
मैंने पूछा- बताओ किस तरह की फैन्टेसी है?
भाभी- मुझे हार्ड रफ और डर्टी सेक्स बहुत पसंद है.
मैं पूछने लगा- यह क्या होता है?
तो भाभी बताने लगी कि जैसे स्लेव ट्रीटमेंट, स्पॅंकिंग, सेक्स करते वक़्त कोई उन्हें थप्पड़ मारे, ऐस फक, स्पिट फेटिश … और आर्म्पाइट फेटिश आदि.
यह सब सुनते ही मेरा लंड एकदम ऐसे हार्ड हो गया जैसे पैंट फाड़ कर अभी ही बाहर आ जाएगा.
भाभी भी यह नोटिस कर रही थी.
हम दोनों कमरे में आ गए थे और कमरे में एकदम सेक्सी माहौल हो चुका था.
भाभी ने पूछा- तुमने बताया नहीं कि क्या तुम यह सब कर पाओगे?
मैंने कहा- यह तो समय बताएगा कि मैं क्या क्या कर पाऊंगा!
यह कह कर मैं पुनः उसे किस करने लगा.
भाभी भी एकदम जोश में आ गई और मेरे होंठों को पूरा खाने लगीं.
वह अपने मुँह का सारा थूक मेरे मुँह में देने लगी.
मैं भी भाभी का सारा सलाइवा चूसते हुए चाटने और पीने लगा.
भाई क्या ही बताऊं … मतलब क्या ही टेस्ट था उसकी लार का … एकदम अलग.
भाभी मेरी जीभ को अपने मुँह में लेकर सक करने लगी.
मैं भी उसकी जीभ को सक करने लगा.
फिर कुछ देर किस करने के बाद भाभी पीछे को हो गई ओर बोली- अपना मुँह खोलो!
मैंने खोला.
उसने मेरे मुँह में अपना थूक डाल दिया और मैं न केवल उसका थूक पी गया बल्कि मुझे यह बहुत पसंद भी आया.
वह वापस मेरे मुँह में थूकने लगी और मैं पीता गया.
उसे फिर से किस करने लगा.
किस करते करते मैं उसकी गर्दन चाटने लगा और बूब्स पर हाथ रख कर दबाने लगा.
भाभी एकदम गंदा वाला किस किए जा रही थी.
मैं उसका पसीना चाटने की कोशिश कर रहा था.
उसकी गर्दन पर अपनी जीभ को किसी प्यासे कुत्ते की तरह फिरा रहा था.
वह भी मदहोशी के आलम में बोलती जा रही थी- आह खा जाओ मुझे … प्लीज़ आज पूरा खा लो मुझे … मैं बहुत प्यासी हूँ … मेरी प्यास बुझा दो.
वह चोदने की रिक्वेस्ट करने लगी.
मैं बाइट भी करता जा रहा था, जिससे वह सिहरी जा रही थी.
अब मैंने उसके दोनों हाथ ऊपर करके उसका टॉप उतार दिया और बिना बद्दी वाली ब्रा को खोल कर उसकी एक चूची को अपने मुँह में पूरा भर लिया और जोर जोर से सक करने लगा.
दूसरे दूध को मैं अपने हाथ से दबाने लगा.
वह पागल हुई जा रही थी.
मैं उसके दूध को बहुत जोर से चूसने की कोशिश कर रहा था तो वह भी मेरे मुँह में अपने दूध को ठेल कर मुझे अपने दूध पिलाने में अपनी गर्मजोशी दिखा रही थी- आह चूस लो … आह खा जाओ.
इस तरह से मैं एक आम को चूस रहा था और दूसरे को मसल रहा था.
वह ‘आआह अयाह अमित और जोर से अमित …’ बोले जा रही थी.
फिर भाभी मुझे बेड की तरफ ले गयी और चित लेट गयी.
उसने अपने मुँह से ढेर सारा थूक निकाला और अपने दोनों मम्मों के निप्पलों पर लगा दिया.
फिर वह बोली- अब इन्हें चाटो!
मैं वापस से भाभी के चूचों पर टूट पड़ा.
वह चिल्लाने लगी.
मैं एकदम से रुक कर उसे देखने लगा कि क्या हुआ?
भाभी बोली- रूको मत, चाहे मैं जितना भी चिल्लाऊं … रुकना नहीं … आह आज मुझे पूरा खा जाओ!
भाभी ने अपने हाथ ऊपर किए और मुझे इशारा कर दिया.
वह अपने अंडरआर्म्स को चाटने की कह रही थी.
मैं समझ गया और भाभी की बगलों को चाटने लगा.
उसकी आर्म पिट की वह नमकीन खुशबू एकदम मदहोश करने वाली थी.
उस जगह का टेस्ट एकदम अलग था. वहां जो छोटे छोटे एकदम मक्खन से मुलायम बाल थे और पसीने से भरे हुए थे, मैं उन सब को चाटने लगा.
भाभी ने अपने एक आर्म पिट पर थूका और हाथ से थूक को अपनी पूरी बगल में फैला दिया.
मैं उधर का थूक भी चाटने लगा.
भाभी एकदम पागल हो गयी थी.
भाभी की मादक खुशबू, उसकी सलाइवा का स्वाद, उसका नमकीन पसीना, आह सब मिक्स करके मैं पागलों की तरह चाट रहा था, हल्के हल्के से बाइट भी कर रहा था.
मैंने भाभी के शॉर्ट्स में हाथ डाल दिया और उसकी गीली हो चुकी चूत में जोर जोर से फिंगरिंग करने लगा.
भाभी भी गांड उछालने लगी.
मैंने अपनी स्पीड को और बढ़ा दिया.
मैं एक तरफ उसके आर्म पिट चाट रहा था और उसका सलाइवा भी चाट रहा था.
दूसरी तरफ अपने हाथ से भाभी की चूत में उंगली कर रहा था.
इस दोतरफा हमले से भाभी एकदम मदहोश हो गयी थी.
अब मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और पूरे जोश से चूत को चाटना शुरू कर दिया.
दोनों पैर की उंगलियों को मुँह में लेने लगा और चाटने लगा व खुशबू लेने लगा.
भाभी मुझे ऐसा करते हुए देखती जा रही थी.
उसकी दोनों जांघों को मैंने फैला दिया और भाभी की चूत को चाटने लगा.
फिर यंग भाभी की चूत की खुशबू लेने लगा.
भाभी की चूत पर हल्के हल्के बाल थे और पसीना था.
मैं भाभी की चूत के होंठों को चाटने लगा.
इससे पहले मैंने इतनी अधिक फिंगरिंग की थी कि भाभी एक बार झड़ चुकी थी.
मैं मस्त होकर उसकी चूत को चाट रहा था तो इतना मस्त लग रहा था कि क्या ही बताऊं.
कुछ देर बाद मैंने चूत की फांकों को उंगलियों की मदद से फैलाया और अन्दर तक जीभ को डाल दिया और अपनी खुरदुरी जीभ से चूत की दीवारों से चाटने लगा.
भाभी इतनी कामुक हो गई थी कि वह अपनी गांड उछाल उछाल कर चूत चटवाने लगी थी और मेरे बाल पकड़ कर मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी थी.
कुछ देर बाद भाभी ने अपने मुँह से थूक निकाल कर अपनी चूत को थूक लगाया और बोली- अब चाटो इसको!
मैं चाटने लगा.
यंग भाभी दो तीन बार ऐसे ही सलाइवा लगाती रही … और मैं उसकी चूत को चाटता रहा.
फिर भाभी बोली- मुझे स्क्वर्ट करना है और मैं चाहती हूँ कि तुम मेरा स्क्वर्ट पियो. बाद में तुम भी मेरे मुँह में मूतना.
मैं जोर जोर से चूत चाटने में लग गया और अपने एक हाथ से चूत में फिंगरिंग करते हुए बहुत अन्दर तक दो उंगलियों को पेलने लगा. मैं उसके जी-स्पॉट पर हिट करने लगा.
इससे वह तड़पने लगी.
भाभी बोली- आह मैं बस छूटने ही वाली हूँ. मैंने भाभी की चूत पर अपना मुँह लगा दिया और उसी वक्त भाभी स्क्वर्ट करने लगी.
मैं भाभी की चूत से निकलता गर्म मूत पीता चला गया.
बड़ा ही मस्त स्वाद लगा, थोड़ा नमकीन था, पर एकदम ऐसा मस्त कि क्या ही बताऊं मैं!
फिर भाभी ने थोड़ा सा मूत्र मेरे मुँह में और मूता, उसका गर्म मूत्र पीकर मैं एकदम उत्तेजित हो गया था और मेरा लंड भी हार्ड हो गया था.
मैंने अपना लंड निकाल कर भाभी के हाथ में थमा दिया.
भाभी बहुत अच्छे से जानती थी कि अब उसे क्या करना है.
उसने मेरे लौड़े को हाथ से पकड़ कर सहलाया और सुपारे पर जीभ फेर दी.
आह मेरे तनबदन में आग लग गई और मेरी मदभरी आह निकल गई.
उसी वक्त भाभी ने मेरा लंड मुँह में भर लिया और लंड को अन्दर लेते ही वह उसे किसी भूखी कुतिया की तरह चाटने लगी.
जल्द ही वह मेरा पूरा का पूरा लंड अन्दर लेने का कोशिश करने लगी.
मैं तो जैसे सातवें आसमान में था.
फिर भाभी ने पूरा लंड बाहर निकाला और उस पर थूक कर उसे गीला कर दिया.
मेरा पूरा लंड उसके थूक से एकदम चिकना हो गया था.
अब भाभी मेरा पूरा लंड अन्दर तक लेने लगी थी … मुझे उसके गले तक की गर्मी का अहसास होने लगा था और भाभी भी गॉगिंग करने लगी थी.
मैंने अपने एक हाथ से भाभी के बाल पकड़ लिए और उसका सिर लंड पर दबाने लगा.
भाभी की आंखों में एकदम से आंसू आ गए … वह किसी तरह अपना सर ऊपर करके मेरी आंखों में दया भाव से देखने लगी.
उस वक्त उसके होंठों के दोनों कोरों से लार टपक रही थी.
लंड ने उसके मुँह में अपना कब्जा जमाया हुआ था … आह क्या ही सेक्सी लग रही थी वह.
मैंने उसके गाल पर एक जोरदार चमाट लगाई.
मेरा थप्पड़ इतना जोरदार लगा था कि भाभी एकदम से सहम गई और उसके गाल पर लाल निशान छप गया.
मैंने उसके सर की पकड़ ढीली कर दी और उसने लंड को गले से हटा कर मुँह में भर लिया.
भाभी लंड चूसती रही और अपनी आंखों के इशारे से बोली कि फिर से और जोर से मारो.
मैंने फिर से उसके बालों को जकड़ कर पकड़ा और उसे अपने लंड पर दबाने लगा.
फिर से पूरा लंड उसके गले तक उतार दिया और लौड़े पर पूरा थूक थूक हो गया.
मैंने देखा कि मेरे लौड़े के अन्दर घुसने से जो सलाइवा बाहर टपक रहा था, वह भाभी की चूचियों पर गिर रहा था.
मैं यह दृश्य देख कर उसके गाल पर थप्पड़ पर थप्पड़ मारता जा रहा था.
भाभी ने कुछ देर अपने गाल लाल करवाए और लंड मुँह से निकाल कर बोली- मेक मी यूअर स्लेव!
मैंने भाभी को अपने से थोड़ा दूर किया और उसके मुँह में थूक टपका दिया और बहुत सारा उसके चेहरे पर भी थूक दिया.
वह एक रंडी की तरह मेरे सामने थी.
मैंने कहा- साली, तू मेरी रांड है बहन की लौड़ी … आज मेरे मूत को भी पिएगी तू कुतिया … आह.
यह कह कर मैंने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार तमाचा जड़ दिया और फिर से उसके मुँह में लंड पेल कर डीप थ्रोट करने लगा.
भाभी एक बार को तो कांप गई कि साला कौन सा सांड पल्ले पड़ गया है.
मैंने उसकी गर्दन दबाते हुए बोला- मादरचोद रंडी की जनी, बहन की लौड़ी ले अब रस का मजा ले कुतिया!
यह कहते हुए मैं उसके मुँह में झड़ गया और मैंने अन्दर ही सारा वीर्य निकाल दिया.
भाभी ने मेरे लंड को गन्ने की तरह चूस लिया और अपने मुँह को खोल कर अन्दर भरा हुआ वीर्य दिखाती हुई पी गई.
उसने वीर्य पी लेने के बाद गला खोल कर दिखाया कि अन्दर कहीं कुछ नहीं बचा है.
अब मैंने वापस लंड मुँह के अन्दर डाला और मूतने लगा.
मेरा पूरा मूत गर्म था.
कुछ मूत अन्दर गले में पिलाने के बाद मैंने लंड को बाहर निकाला और उसके चेहरे पर मूतना चालू कर दिया.
फिर भाभी के बाल पकड़ कर उसे बाथरूम में ले गया. उधर फव्वारे के नीचे खड़ा कर दिया और हम दोनों नहा लिये.
मैंने बाथरूम में भाभी से कहा- चल लंड को अन्दर तक डाल ले मेरी रंडी!
भाभी हंस दी और मुँह में लंड लेकर गले तक डीप थ्रोट करने लगी.
फिर उसने वहीं मुझे लिटा कर मेरे लौड़े पर ढेर सारा थूक लगाया और ऊपर बैठ गयी.
वह लौड़े पर जोर जोर से गांड उछालने लगी और आगे पीछे होने लगी.
मैं उसके उछलते हुए चूचों को कसके दबाए जा रहा था.
भाभी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए थे. वह लंड पर मस्ती से जंप कर रही थी.
मैं कभी उसके चूचों पर चमाट लगा रहा था तो कभी गाल पर चांटा खींच दे रहा था.
रफ सेक्स से भाभी एकदम से हॉर्नी हो गई थी.
कुछ देर बाद मैंने भाभी को नीचे लेटाया और उसके दोनों पैरों को ऊपर किया और अपने कंधों पर टिका कर अपना बड़ा व मोटा लंड उसकी चूत के अन्दर एक ही झटके में पूरा का पूरा पेल दिया.
भाभी एकदम से चीख उठी- आह मर गई … आह साले … मादरचोद ने चूत फाड़ दी बहन के लौड़े … हरामी कुत्ते आह निकाल ले लंड आह … मर गई!
वह चीखती चिल्लाती रही और मैं पेलता जा रहा था.
बीच बीच में मैं उसके गालों पर चांटे भी मार रहा था.
कुछ ही देर में भाभी अपनी पूरी मस्ती में आ गई और मेरे लौड़े से चुदाई का मजा लेने लगी.
कुछ देर बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूछा- रस किधर टपकाऊं मेरी जान!
भाभी मदभरी आवाज में बोली- अन्दर ही झड़ जाओ.
इतनी देर के रफ सेक्स के बाद मैं भाभी की चूत के अन्दर ही झड़ गया और भाभी के ऊपर ही ढुलक गया.
अचानक से भाभी बोली- मुझे लंड चूसना है.
मैं उठ गया और मैंने भाभी के मुँह में अपना लंड पेल दिया.
वह लंड चूसने लगी तो मैं उसके बाल पकड़ कर तेज तेज मुँह चोदने लगा.
अब मैं कुछ और ज्यादा रफ हो गया था कुछ ही देर में लंड वापस अकड़ गया था तो मैं उसके गले तक लंड डाल रहा था.
उसके गाल में थप्पड़ मारते हुए मुख चोदन में मुझे बड़ा मजा आ रहा था.
कुछ देर बाद भाभी वापस भूखी हो गई और बोली- चल फिर से चोद.
मैंने भाभी को डॉगी बनाया और उसकी चूत में एक झटके में पूरा लंड पेल दिया.
लौड़े को ठांस कर मैं भाभी की मोटी गांड पर जोर जोर से चाटें मारने लगा.
उसकी पूरी गांड लाल हो गई थी.
साथ ही चूत में भी जोर जोर से लंड आ जा रहा था.
भाभी मस्ती से चिल्ला रही थी और बहुत जोर से बोल रही थी- आह पेलो अमित … फाड़ दो मेरी चूत आज तो तुम मेरी जान हो … मेरे में समा जाओ … मुझे चोद चोद कर मार डालो!
मैं हंस रहा था कि भाभी को क्या हो गया.
वह बके जा रही थी- साले हंस क्यों रहा है भोसड़ी के?
मैं बोला- रंडी … तू मेरी कुतिया है भोसड़ी वाली … आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा.
वह बोली- हां बना दो मेरे यार.
मैं जानता था कि इस टाइम मैं जल्दी झड़ने वाला नहीं हूँ.
देर तक बुरी तरह से चोदने के बाद मैंने लंड बाहर निकाला और भाभी की गांड के छेद पर थूक कर जीभ से चाटने करने लगा.
भाभी समझ गयी कि अब मैं उसकी गांड भी मारूँगा.
वह बोल रही थी- हां अब मेरी गांड भी फाड़ दो.
मैंने उसकी गांड में अपनी जीभ को नुकीला करके अन्दर डाल दिया और मस्ती से छेद को चाटने लगा.
फिर गांड पर ढेर सारा थूक लगाया और भाभी से अपने लंड पर लगवाया.
फिर सीधे एक झटके में मैंने भाभी की गांड में लंड पेल दिया.
पहले झटके में आधा लंड अन्दर गया, तो भाभी कांप उठी और रोने लगी.
मैंने 5 सेकन्ड रुक कर इंतजार किया और फिर दूसरा झटका मार कर अपना पूरा लंड अन्दर पेल दिया.
वह दर्द से कराही …पर बड़ी जान थी साली में.
भाभी बोली- आज रुकना मत, मैं जितना चाहे रोऊं!
मैं बोला- तुम मेरी रंडी हो और मुझे पता है कि क्या करना है.
मैं भाभी की गांड मारने लगा, उसके बाल पीछे से पकड़ कर घुड़सवारी करने लगा.
मैं उसकी गांड पर मैं अपने एक हाथ से इतनी जोर जोर से थप्पड़ मार रहा था कि भाभी एकदम पागल हो जा रही थी.
काफी देर तक मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा, भाभी को गाली देता रहा.
फिर जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने भाभी से पूछा.
भाभी बोली- चूत में झड़ना.
मैंने भाभी को सीधा किया और एक झटके में चूत में लंड पेल दिया.
भाभी एकदम से सिहर गयी.
उसे इतना तेज दर्द हुआ कि उसके पूरे बदन में थरथराहट हुई.
उसी पल मैं उसकी चूत में झड़ गया.
अब हम दोनों साथ में लेट गए और एक दूसरे को देख कर हंसने लगे.
भाभी बोलने लगी- ये मेरे जीवन का सबसे मस्त सेक्स था. आज से पहले पॉर्न वीडियो में कुछ कुछ देखा तो था, पर ऐसा मेरे साथ होगा, यह मैंने आज तक कभी सोचा तक नहीं था.
उसको मेरे साथ चुदाई करना बहुत पसंद आया.
वह बोली- तुम मुझको अपनी रंडी बना कर रख लो और जब मर्जी हो तब चोद लो.
मैं उसे अब जब भी मौका मिलता, चोद लेता हूँ. उसकी बॉडी पर जिधर जी करता, चांटे मार लेता हूँ.
उसकी चूत का रस पी लेता हूँ और उसको अपने लंड का पानी पिला देता हूँ.
भाभी की बहुत सारी फैन्टेसीज थीं. मैंने उसके सब सपने पूरे किए.
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